Company incorporation

भारत में व्यवसाय शुरू करने के लिए कदम?

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भारत में व्यवसाय शुरू (starting a business in India) करने से पहले पहला कदम सही व्यवसाय संरचना का चयन करना है। एक सही व्यवसाय संरचना वह है जो व्यवसायी के व्यवसाय की प्रशंसा करती है। भारत में उपलब्ध व्यावसायिक संरचनाएं(business structures) इस प्रकार हैं:

  • व्यक्तिगत स्वामित्व(Sole Proprietorship)
  • साझेदारी पंजीकरण(Partnership Registration)
  • कंपनी पंजीकरण(Company Registration)
  • सीमित दायित्व भागीदारी(Limited Liability Partnership)

सबसे महत्वपूर्ण कदम होने के नाते सही व्यावसायिक संरचना का चयन करने के लिए एक पेशेवर से परामर्श करना आवश्यक है। एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी भारत में व्यवसाय शुरू करने के लिए सबसे अच्छी और अत्यधिक अनुशंसित व्यवसाय संरचना है। कंपनी पंजीकरण के लाभ इस प्रकार हैं:

  • अपने शेयरधारकों(shareholders) को सीमित दायित्व प्रदान करता है
  • निदेशक अलग-अलग रूप में हो सकते हैं, शेयरधारक(shareholders) यानी मालिक
  • कर लाभ(Tax benefits)
  • बैंक ऋण(loans) प्राप्त करने में आसानी
  • कानूनी मान्यता
  • शाश्वत(Perpetual) उत्तराधिकार(succession)
  • निवेशकों द्वारा पसंद किया गया

एक बार व्यवसाय संरचना(business structure) तय हो जाने के बाद अगला कदम वही पंजीकृत होना है। कंपनी का समावेश( Company incorporation) व्यवसाय का लोकप्रिय रूप है जो निम्नलिखित कंपनी पंजीकरण प्रक्रिया(Company registration process) का उल्लेख कर सकता है:

  1. अनोखा नाम(UNIQUE NAME): प्रस्तावित कंपनी(proposed Company) के लिए एक अनोखा नाम खोजने के लिए नाम पंजीकरण(registration) / अनुमोदन की आवश्यकता है। जिसके लिए कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के साथ नाम लागू करने से पहले संबंधित वर्ग में एमसीए डेटाबेस(MCA DataBase) और ट्रेडमार्क (trademark) की गहन जाँच की जानी चाहिए।
  2. डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण पत्र(DIGITAL SIGNATURE CERTIFICATE): डिजिटल हस्ताक्षर( digital signatures) के लिए आवेदन को सरकारी अधिकृत एजेंसियों(government authorised agencies ) के साथ दर्ज करना होगा जो प्रमाणन एजेंसियों के नियंत्रक द्वारा सत्यापित हैं। DSC कंपनी पंजीकरण प्रक्रिया(Company registration process) में प्रयुक्त पासवर्ड(password ) संरक्षित टोकन है।
  3. अगला संबंधित दस्तावेजों और रूपों को तैयार करना है जिसके लिए कोई पेशेवरों से सहायता ले सकता है या ऐसी सीए सेवाओं(Ca services) के लिए उन्हें किराए पर ले सकता है। निगमन(incorporation) प्रत्र (forms) जुड़े हुए रूप हैं जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
    • फार्म नं. INC-32 (कंपनी को इलेक्ट्रॉनिक रूप से शामिल करने के लिए सरलीकृत प्रोफार्मा): जैसा कि नाम से पता चलता है कि यह एक एकीकृत रूप है जो आवेदक को निम्नलिखित फाइल करने में सक्षम करेगा:
    • कंपनी का नाम
    • निदेशक पहचान(Identification ) संख्या
    • निगमन(Incorporation ) प्रमाण पत्र
    • पैन(PAN)
    • टैन(TAN)

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फार्म नं. INC-33 (e-Memorandum of Association): इस फॉर्म में कंपनी की मुख्य व्यावसायिक गतिविधि के साथ-साथ ग्राहकों के विवरण के साथ ज्ञापन यानी कंपनी के शेयरधारकों(shareholders) और अधिकृत पूंजी की राशि शामिल है।

फार्म नं. INC-34 (e-Articles of Association): बैठक आयोजित करने, शेयरों के हस्तांतरण, मतदान के अधिकार आदि के लिए सभी नियमों और विनियमों को कंपनी के लेखों में सूचीबद्ध किया गया है। इसमें कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसार कंपनी चलाने के लिए आवश्यक नियम शामिल हैं।

फार्म नं. INC-35 (माल और सेवा कर पहचान संख्या के लिए आवेदन, कर्मचारी का राज्य बीमा निगम पंजीकरण और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन पंजीकरण): एक ही फॉर्म के माध्यम से GSTIN / EPFO / ESIC के लिए आवेदन कर सकते हैं।

एक बार फॉर्म दाखिल करने के बाद कंपनी की पंजीकरण प्रक्रिया(company registration process) पूरी हो जाती है।

व्यवसाय पंजीकरण(business registration) के बाद पैन(PAN ) यानी स्थायी खाता संख्या(Permanent Account Number) और टैन(TAN) यानी कर खाता संख्या(Tax Account number) प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। दोनों को NSDL वेबसाइट के माध्यम से क्रमशः 49A और 49B फॉर्म भरकर आवेदन किया जा सकता है।

सभी व्यवसाय जहां कारोबार 20 लाख से अधिक है, उन्हें जीएसटी पंजीकरण(GST registration) लेने की आवश्यकता है। यह ई-कॉमर्स व्यवसायों के लिए भी अनिवार्य है।

पंजीकरण प्रक्रिया में लगभग 7-12 कार्य दिवस लगते हैं। व्यवसाय पंजीकरण(Business registration) एक आसान काम नहीं है इसके लिए हर कदम पर पेशेवर इंटरफ़ेस की आवश्यकता होती है।

ब्रांड पंजीकरण(Brand registration) लोगो और Brand नाम के लिए आवश्यक है। जिसके लिए ट्रेडमार्क पंजीकरण(trademark registration) के लिए आवेदन किया जा सकता है। एक बार आवेदन दायर करने के बाद TM शब्द का उपयोग लोगो के साथ किया जा सकता है और अनुमोदन के बाद R मार्क का उपयोग किया जाता है।

कंपनी पंजीकरण(Company Registration) के लिए आवश्यक दस्तावेज क्या हैं?

आवश्यक दस्तावेज़:

  • Promoters का पैन कार्ड
  • दोनों promoters के पासपोर्ट साइज फोटो
  • Promoters के आधार कार्ड / वोटर I.D.
  • दोनों प्रमोटरों का बैंक स्टेटमेंट / यूटिलिटी बिल
  • किराया समझौता(Rent agreement), यदि व्यवसाय का पंजीकृत स्थान किराए पर लिया गया आवास है
  • बिजली बिल / पानी का बिल (व्यवसाय का पंजीकृत स्थान)

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मैं भारत में घर पर एक छोटा व्यवसाय कैसे शुरू करूं? प्रारंभिक चरण में एक udyog adhaar registration or GST registration. प्राप्त करके घर पर परिचालन शुरू कर सकते हैं।

Original Source: Steps for starting a business in India?

How to register a company online in Delhi?

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A Private Limited Company is the best and highly recommended business structure to start a business in India. Online company registration in Delhi is easy to form and operate therefore being the most acceptable form of business.  Let’s have a look at the benefits of Company Incorporation:

  • Provides limited liability to its shareholders
  • The directors may be different form the shareholders i.e. owners
  • Tax benefits
  • Ease of getting bank loans
  • Legal Recognition
  • Perpetual succession
  • Preferred by investors

The private limited companies incorporated are governed by the Ministry of Corporate Affairs and to speed-up the incorporation the registration application is processed by the Central Registration Center. The steps for Private Limited Company registration in Delhi is as follows:

Important Points to be kept in mind while doing Online Company Registration In Delhi:

  • ONE PERSON COMPANY: One person company registration in Delhi, An OPC as the name suggests is a combination of benefits derived from sole proprietorship and Company form of business, it is suitable for those who want complete control over the ownership, management and operations of the company. At the initial stage one needs to decide whether they will go for a One Person Company or private limited with 2 directors and shareholders.

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  • UNIQUE NAME: Once decided on the form of private limited company the next step is to find a unique name for the proposed Company. The name of the proposed company should not be similar with any existing company name. So a thorough check of MCA database and trademarks in the related class needs to be done before applying the name with the ministry of corporate affairs.
  • DOCUMENTS REQUIRED:
  1. PAN Card of the promoters
  2. Passport size photograph of both the promoters
  3. Aadhaar Card/ voter id of the promoters
  4. Bank Statement/Utility bill of both the promoters
  5. Rent agreement, if the registered place of business is a rented accommodation
  6. Electricity bill/ Water bill (registered place of business)
  7. No Objection Certificate
  • TIME TAKEN: Online Company registration in Delhi takes around 7-10 working days rest depends on the approval by the ministry.
  • PROFESSIONAL GUIDANCE: The incorporation process is not an easy task it requires a professional interface. From selecting the appropriate name in accordance with the Company (Incorporation) Rules, 2014 to the drafting of Memorandum of association and the incorporation documents, along with certification the forms professional guidance is required at every step of Company Incorporation.

To know more read: Private Limited Company

Frequently Asked Questions:

Q1. Can the Directors and shareholders be the same person?

Yes, the Shareholder can be the proposed directors of the Company.

Q2.  What is the minimum capital requirement?

There is no such requirement of minimum capital but it is always advisable for private limited companies to have at least Rs.1 lakh as authorised capital.

Q3. Is there a need for professional certification?

Yes the Incorporation forms need to be certified by Chartered Accountant/ Company Secretary/ Cost Accountant or Advocate.

Q4. What is COB?

Every company incorporated after 01.11.2018 needs to file a form for Commencement of business.

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Move To Accelerate “Make In India” & Boost Economy

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Total Revenue Foregone: INR 1, 45,000 cr. per year.

All these announcements will be applicable from 01.04.2019 (Current FY) any advance tax paid will be adjusted.

Income tax act has been amended to promote growth & investment wef F.Y. 2019-20 which allows any domestic co. to pay income tax @ 22%

Condition: They will not avail any exemption or incentives
Effective tax rate is 25.17% {incl. of all surcharges}
Minimum Alternate Tax {MAT} Not applicable

To attract fresh investment and boost to make in India another provision is added to Income Tax act: New co. incorporated on or after 01/10/2019 getting fresh investment in manufacturing pay income tax @15%.

Condition: They will not avail any exemption or incentives
Effective tax rate 17.01% {incl. of all surcharges}.
Minimum Alternate Tax {MAT} Not applicable

A co. which doesn’t opt for concessional tax regime and avails tax exemption shall continue to pay at pre amended rate.
However, these co. can opt for concessional tax regime after expiry of tax period.

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Minimum Alternate Tax (MAT): Reduced from existing 18.5% to 15%.

Stabilise flow of funds in capital market: Enhanced surcharges introduced in finance act (II) 2019 shall not apply on capital gains arising on sale of equity share in a co./business/trust liable for Securities Transaction Tax {STT}.

Expand scope of CSR: 2% spending can be spent on incubators funded by centre/state government/PSU/contribution to IIT, National labs, all under ICAR, DRDO etc. engaged in research science/research comes under CSR

ANALYSIS

Current corporate tax rate is 30% (incl. surcharge/cess 34%) brought down to 22% (incl. surcharge/cess 25.17%) i.e. around 9 basis point effective relief in tax for current corporations.

New manufacturing: 25% (incl. surcharge/cess 29.12%) brought to 15% (incl. surcharge/cess 17.01%) 12 basis point effective relief in tax for new manufacturers. This will certainly give a boost to new manufacturers to establish their manufacturing units in India and achieve the goal of “Make in India” a reality.

Q. What impact this decision would have on the corporate sector?

  • Promote “Make in India
  • Making India an Investment hub
  • Boost Indian economy
  • Employment generation
  • More Transparent structure
  • Wealth creation
  • Export led manufacturing
  • Multiplier affect
  • Long term transition period
  • Companies cash flows will improve

Q. How to get the complete benefit of this corporate tax restructuring?

If you have an existing company or you want to establish a new company, we provide “One Stop Solution” to all your problems.

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